lag ja gale lyrics - लग जा गले lag ja gale lyrics गायक :- लता मंगेशकर गीतकार :- राजा मेहदी अली खान संगीतकार :- मदन मोहन फिल्म :- वह कौन थी (1964) गाना / Title:- लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो लग जा गले से ... हमको मिली हैं आज, ये घड़ियाँ नसीब से जी भर के देख लीजिये हमको क़रीब से फिर आपके नसीब में ये बात हो न हो फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो पास आइये कि हम नहीं आएंगे बार-बार बाहें गले में डाल के हम रो लें ज़ार-ज़ार आँखों से फिर ये प्यार कि बरसात हो न हो शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो लग जा गले कि फिर ये हस्सीं रात हो न हो शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो लग जा गले कि फिर ये हस्सीं रात हो न हो
हनुमान चालीसा - hanuman chalisa हनुमान चालीसा तुलसीदास की अवधी में लिखी एक काव्यात्मक कृति है जिसमें प्रभु राम के महान भक्त हनुमान के गुणों एवं कार्यों का चालीस चौपाइयों में वर्णन है। यह अत्यन्त लघु रचना है जिसमें पवनपुत्र श्री हनुमान जी की सुन्दर स्तुति की गई है। इसमें बजरंग बली की भावपूर्ण वन्दना तो है ही, श्रीराम का व्यक्तित्व भी सरल शब्दों में उकेरा गया है। Hanuman Chalisa lyrics 'चालीसा' शब्द से अभिप्राय 'चालीस' (40) का है क्योंकि इस स्तुति में 40 छन्द हैं (परिचय के 2 दोहों को छोड़कर)। दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार बल बुधि विद्या देहु मोहि, हरहु कलेश विकार चौपाई जय हनुमान ज्ञान गुन सागर जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥1॥ राम दूत अतुलित बल धामा अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥2॥ महाबीर बिक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी॥3॥ कंचन बरन बिराज सुबेसा कानन कुंडल कुँचित केसा॥4॥ हाथ बज्र अरु ध्वजा बिराजे काँधे मूँज जनेऊ साजे॥5॥ शं...